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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2027-06-29

लंदन पंचांग — 29 जून 2027

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · मङ्गलवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:46 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 05:34 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 3तक 05:18 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसुकर्मातक 04:02 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 06:03 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:46 AM
सूर्यास्त09:22 PM
चन्द्रोदय12:56 AM
चन्द्रास्त04:16 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:30 PM – 01:37 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:10 AM – 03:58 AM
अमृत काल08:56 AM – 10:31 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:13 PM – 07:17 PM
गुलिक काल01:04 PM – 03:08 PM
यमगण्ड08:55 AM – 10:59 AM
वर्ज्यम्12:07 PM – 01:42 PM
दुर्मुहूर्त11:24 AM – 12:30 PM
दुर्मुहूर्त03:50 PM – 04:56 PM

दिन चौघड़िया

रोग04:46 AM – 06:50 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:50 AM – 08:55 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:55 AM – 10:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:59 AM – 01:04 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:04 PM – 03:08 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:08 PM – 05:13 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:13 PM – 07:17 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:17 PM – 09:22 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल09:22 PM – 10:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:17 PM – 11:13 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:13 PM – 12:08 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:08 AM – 01:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:04 AM – 01:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:59 AM – 02:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:55 AM – 03:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:50 AM – 04:46 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle