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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2027-07-27

लंदन पंचांग — 27 जुलाई 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, भरणी नक्षत्र · मङ्गलवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:16 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 04:45 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रभरणी · पाद 1तक 01:17 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशूलतक 01:23 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 05:20 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:16 AM
सूर्यास्त08:57 PM
चन्द्रोदय11:43 PM
चन्द्रास्त03:16 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:35 PM – 01:37 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:40 AM – 04:28 AM
अमृत काल07:47 PM – 09:23 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:01 PM – 06:59 PM
गुलिक काल01:06 PM – 03:04 PM
यमगण्ड09:11 AM – 11:08 AM
वर्ज्यम्10:15 AM – 11:51 AM
दुर्मुहूर्त11:32 AM – 12:35 PM
दुर्मुहूर्त03:43 PM – 04:46 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:16 AM – 07:13 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:13 AM – 09:11 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:11 AM – 11:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:08 AM – 01:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:06 PM – 03:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:04 PM – 05:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:01 PM – 06:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:59 PM – 08:57 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल08:57 PM – 09:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:59 PM – 11:01 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:01 PM – 12:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:04 AM – 01:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:06 AM – 02:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:08 AM – 03:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:11 AM – 04:13 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:13 AM – 05:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle