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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2027-09-11

लंदन पंचांग — 11 सितम्बर 2027

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शनिवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 03:06 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 2तक 10:28 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशोभनतक 02:13 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 03:06 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:28 AM
सूर्यास्त07:25 PM
चन्द्रोदय05:56 PM
चन्द्रास्त01:09 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:30 PM – 01:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:52 AM – 05:40 AM
अमृत काल03:42 PM – 05:31 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:42 AM – 11:19 AM
गुलिक काल06:28 AM – 08:05 AM
यमगण्ड02:33 PM – 04:10 PM
वर्ज्यम्04:50 AM – 06:39 AM
दुर्मुहूर्त09:55 AM – 10:47 AM
दुर्मुहूर्त03:06 PM – 03:57 PM

दिन चौघड़िया

काल06:28 AM – 08:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:05 AM – 09:42 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:42 AM – 11:19 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:19 AM – 12:56 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:56 PM – 02:33 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:33 PM – 04:10 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:10 PM – 05:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:47 PM – 07:25 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:25 PM – 08:47 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:47 PM – 10:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:10 PM – 11:33 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:33 PM – 12:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:56 AM – 02:19 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:19 AM – 03:42 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:42 AM – 05:05 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:05 AM – 06:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle