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VedicSpaceपंचांगलॉस एंजिल्स › 2025-11-03

लॉस एंजिल्स पंचांग — 3 नवम्बर 2025

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, रेवती नक्षत्र · सोमवार · कैलिफ़ोर्निया (34.0522°, -118.2437°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लॉस एंजिल्स (34.0522°, -118.2437°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 12:36 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्ररेवती · पाद 1तक 11:04 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगहर्षणतक 06:09 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 12:36 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:15 AM
सूर्यास्त04:58 PM
चन्द्रोदय03:44 PM
चन्द्रास्त03:57 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:39 AM – 05:27 AM
अमृत काल09:11 PM – 10:36 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:35 AM – 08:55 AM
गुलिक काल12:56 PM – 02:17 PM
यमगण्ड10:16 AM – 11:36 AM
वर्ज्यम्12:36 PM – 02:02 PM
अभिजित मुहूर्त11:15 AM – 11:57 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:06 PM – 02:49 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:15 AM – 07:35 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:35 AM – 08:55 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:55 AM – 10:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:16 AM – 11:36 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:36 AM – 12:56 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:56 PM – 02:17 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:17 PM – 03:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:37 PM – 04:58 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर04:58 PM – 06:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:37 PM – 08:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:17 PM – 09:56 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:56 PM – 11:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:36 PM – 01:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:16 AM – 02:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:55 AM – 04:35 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:35 AM – 06:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle