VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगलॉस एंजिल्स › 2026-04-04

लॉस एंजिल्स पंचांग — 4 अप्रैल 2026

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, स्वाती नक्षत्र · शनिवार · कैलिफ़ोर्निया (34.0522°, -118.2437°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लॉस एंजिल्स (34.0522°, -118.2437°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 11:30 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रस्वाती · पाद 4तक 09:05 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवज्रतक 02:13 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 10:32 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:36 AM
सूर्यास्त07:16 PM
चन्द्रोदय10:18 PM
चन्द्रास्त07:36 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:30 PM – 01:21 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:00 AM – 05:48 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:46 AM – 11:21 AM
गुलिक काल06:36 AM – 08:11 AM
यमगण्ड02:31 PM – 04:06 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:58 AM – 10:49 AM
दुर्मुहूर्त03:02 PM – 03:53 PM

दिन चौघड़िया

काल06:36 AM – 08:11 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:11 AM – 09:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:46 AM – 11:21 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:21 AM – 12:56 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:56 PM – 02:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:31 PM – 04:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:06 PM – 05:41 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:41 PM – 07:16 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:16 PM – 08:41 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:41 PM – 10:06 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:06 PM – 11:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:31 PM – 12:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:56 AM – 02:21 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:21 AM – 03:46 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:46 AM – 05:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:11 AM – 06:36 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle