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VedicSpaceपंचांगलॉस एंजिल्स › 2026-09-17

लॉस एंजिल्स पंचांग — 17 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · गुरुवार · कैलिफ़ोर्निया (34.0522°, -118.2437°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लॉस एंजिल्स (34.0522°, -118.2437°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:38 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 12:31 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 4तक 07:23 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगप्रीतितक 01:04 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 11:22 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:38 AM
सूर्यास्त06:57 PM
चन्द्रोदय01:21 PM
चन्द्रास्त10:43 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:22 PM – 01:12 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:02 AM – 05:50 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:19 PM – 03:52 PM
गुलिक काल09:42 AM – 11:15 AM
यमगण्ड06:38 AM – 08:10 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:01 PM – 02:50 PM
दुर्मुहूर्त05:18 PM – 06:07 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:38 AM – 08:10 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:10 AM – 09:42 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:42 AM – 11:15 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:15 AM – 12:47 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:47 PM – 02:19 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:19 PM – 03:52 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:52 PM – 05:24 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:24 PM – 06:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:57 PM – 08:24 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:24 PM – 09:52 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:52 PM – 11:19 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:19 PM – 12:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:47 AM – 02:15 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:15 AM – 03:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:42 AM – 05:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:10 AM – 06:38 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle