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VedicSpaceपंचांगलॉस एंजिल्स › 2026-10-23

लॉस एंजिल्स पंचांग — 23 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · कैलिफ़ोर्निया (34.0522°, -118.2437°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लॉस एंजिल्स (34.0522°, -118.2437°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:05 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 01:07 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 4तक 08:33 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगध्रुवतक 09:38 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 01:42 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:05 AM
सूर्यास्त06:09 PM
चन्द्रोदय04:42 PM
चन्द्रास्त04:20 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:14 PM – 12:59 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:29 AM – 06:17 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:14 AM – 12:37 PM
गुलिक काल08:28 AM – 09:51 AM
यमगण्ड03:23 PM – 04:46 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:30 AM – 12:14 PM
दुर्मुहूर्त02:27 PM – 03:11 PM

दिन चौघड़िया

चर07:05 AM – 08:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:28 AM – 09:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:51 AM – 11:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:14 AM – 12:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:37 PM – 02:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:00 PM – 03:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:23 PM – 04:46 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:46 PM – 06:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:09 PM – 07:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:46 PM – 09:23 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:23 PM – 11:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:00 PM – 12:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:37 AM – 02:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:14 AM – 03:51 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:51 AM – 05:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:28 AM – 07:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle