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VedicSpaceपंचांगलॉस एंजिल्स › 2026-11-04

लॉस एंजिल्स पंचांग — 4 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · बुधवार · कैलिफ़ोर्निया (34.0522°, -118.2437°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लॉस एंजिल्स (34.0522°, -118.2437°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 09:06 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 3तक 02:00 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगइन्द्रतक 04:56 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 09:17 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:15 AM
सूर्यास्त04:57 PM
चन्द्रोदय01:49 AM
चन्द्रास्त02:20 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:39 AM – 05:27 AM
अमृत काल07:48 AM – 09:25 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:36 AM – 12:56 PM
गुलिक काल10:15 AM – 11:36 AM
यमगण्ड07:35 AM – 08:55 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:14 AM – 11:57 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:06 AM – 09:49 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:15 AM – 07:35 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:35 AM – 08:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:55 AM – 10:15 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:15 AM – 11:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:36 AM – 12:56 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:56 PM – 02:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:16 PM – 03:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:36 PM – 04:57 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग04:57 PM – 06:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:36 PM – 08:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:16 PM – 09:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:56 PM – 11:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:36 PM – 01:15 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:15 AM – 02:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:55 AM – 04:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:35 AM – 06:15 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle