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VedicSpaceपंचांगलखनऊ › 2026-05-01

लखनऊ पंचांग — 1 मई 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, स्वाती नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तर प्रदेश (26.8467°, 80.9462°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लखनऊ (26.8467°, 80.9462°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 10:53 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रस्वाती · पाद 1तक 04:35 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसिद्धितक 09:13 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 10:00 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:28 AM
सूर्यास्त06:39 PM
चन्द्रोदय06:33 PM
चन्द्रास्त04:47 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:37 AM – 12:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:52 AM – 04:40 AM
अमृत काल06:24 PM – 08:09 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:24 AM – 12:03 PM
गुलिक काल07:06 AM – 08:45 AM
यमगण्ड03:21 PM – 05:00 PM
वर्ज्यम्07:52 AM – 09:37 AM
दुर्मुहूर्त10:44 AM – 11:37 AM
दुर्मुहूर्त02:15 PM – 03:08 PM

दिन चौघड़िया

चर05:28 AM – 07:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:06 AM – 08:45 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:45 AM – 10:24 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:24 AM – 12:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:03 PM – 01:42 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:42 PM – 03:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:21 PM – 05:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:00 PM – 06:39 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:39 PM – 08:00 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:00 PM – 09:21 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:21 PM – 10:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:42 PM – 12:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:03 AM – 01:24 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:24 AM – 02:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:45 AM – 04:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:06 AM – 05:28 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle