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VedicSpaceपंचांगलखनऊ › 2026-05-27

लखनऊ पंचांग — 27 मई 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, चित्रा नक्षत्र · बुधवार · उत्तर प्रदेश (26.8467°, 80.9462°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लखनऊ (26.8467°, 80.9462°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:14 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 06:22 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रचित्रा · पाद 1तक 08:08 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगव्यतीपाततक 03:25 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 06:22 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:14 AM
सूर्यास्त06:53 PM
चन्द्रोदय03:33 PM
चन्द्रास्त02:18 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:38 AM – 04:26 AM
अमृत काल12:23 AM – 02:08 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:03 PM – 01:45 PM
गुलिक काल10:21 AM – 12:03 PM
यमगण्ड06:56 AM – 08:38 AM
वर्ज्यम्01:54 PM – 03:39 PM
अभिजित मुहूर्त11:36 AM – 12:30 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:52 AM – 09:47 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:14 AM – 06:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:56 AM – 08:38 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:38 AM – 10:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:21 AM – 12:03 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:03 PM – 01:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:45 PM – 03:28 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:28 PM – 05:10 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:10 PM – 06:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:53 PM – 08:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:10 PM – 09:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:28 PM – 10:45 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:45 PM – 12:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:03 AM – 01:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:21 AM – 02:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:38 AM – 03:56 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:56 AM – 05:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle