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VedicSpaceपंचांगलखनऊ › 2026-06-18

लखनऊ पंचांग — 18 जून 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, पुष्य नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (26.8467°, 80.9462°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लखनऊ (26.8467°, 80.9462°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 06:59 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रपुष्य · पाद 3तक 11:32 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगव्याघाततक 05:35 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 08:14 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:12 AM
सूर्यास्त07:02 PM
चन्द्रोदय08:32 AM
चन्द्रास्त10:09 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:39 AM – 12:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:36 AM – 04:24 AM
अमृत काल04:50 AM – 06:18 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:50 PM – 03:34 PM
गुलिक काल08:39 AM – 10:23 AM
यमगण्ड05:12 AM – 06:55 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:30 PM – 02:25 PM
दुर्मुहूर्त05:11 PM – 06:06 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:12 AM – 06:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:55 AM – 08:39 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:39 AM – 10:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:23 AM – 12:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:07 PM – 01:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:50 PM – 03:34 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:34 PM – 05:18 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:18 PM – 07:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:02 PM – 08:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:18 PM – 09:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:34 PM – 10:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:50 PM – 12:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:07 AM – 01:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:23 AM – 02:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:39 AM – 03:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:55 AM – 05:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle