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VedicSpaceपंचांगलखनऊ › 2026-07-14

लखनऊ पंचांग — 14 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · मङ्गलवार · उत्तर प्रदेश (26.8467°, 80.9462°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लखनऊ (26.8467°, 80.9462°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:21 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 03:13 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 1तक 12:09 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगव्याघाततक 11:57 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणनागतक 03:13 PMस्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:21 AM
सूर्यास्त07:03 PM
चन्द्रोदय04:56 AM
चन्द्रास्त07:12 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:44 AM – 12:39 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:45 AM – 04:33 AM
अमृत काल09:23 PM – 10:48 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:37 PM – 05:20 PM
गुलिक काल12:12 PM – 01:54 PM
यमगण्ड08:46 AM – 10:29 AM
वर्ज्यम्12:51 PM – 02:16 PM
दुर्मुहूर्त10:49 AM – 11:44 AM
दुर्मुहूर्त02:29 PM – 03:23 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:21 AM – 07:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:03 AM – 08:46 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:46 AM – 10:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:29 AM – 12:12 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:12 PM – 01:54 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:54 PM – 03:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:37 PM – 05:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:20 PM – 07:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:03 PM – 08:20 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:20 PM – 09:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:37 PM – 10:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:54 PM – 12:12 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:12 AM – 01:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:29 AM – 02:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:46 AM – 04:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:03 AM – 05:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle