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VedicSpaceपंचांगलखनऊ › 2026-09-22

लखनऊ पंचांग — 22 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · मङ्गलवार · उत्तर प्रदेश (26.8467°, 80.9462°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लखनऊ (26.8467°, 80.9462°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 09:43 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 4तक 07:07 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगअतिगण्डतक 04:29 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 08:56 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:54 AM
सूर्यास्त06:03 PM
चन्द्रोदय03:34 PM
चन्द्रास्त01:28 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:34 AM – 12:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:18 AM – 05:06 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:00 PM – 04:31 PM
गुलिक काल11:58 AM – 01:29 PM
यमगण्ड08:56 AM – 10:27 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:45 AM – 11:34 AM
दुर्मुहूर्त02:00 PM – 02:48 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:54 AM – 07:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:25 AM – 08:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:56 AM – 10:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:27 AM – 11:58 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:58 AM – 01:29 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:29 PM – 03:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:00 PM – 04:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:31 PM – 06:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:03 PM – 07:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:31 PM – 09:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:00 PM – 10:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:29 PM – 11:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:58 PM – 01:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:27 AM – 02:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:56 AM – 04:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:25 AM – 05:54 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle