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VedicSpaceपंचांगलखनऊ › 2026-11-10

लखनऊ पंचांग — 10 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, विशाखा नक्षत्र · मङ्गलवार · उत्तर प्रदेश (26.8467°, 80.9462°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लखनऊ (26.8467°, 80.9462°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:22 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 02:00 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रविशाखा · पाद 4तक 09:19 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशोभनतक 03:09 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 02:00 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:22 AM
सूर्यास्त05:18 PM
चन्द्रोदय07:18 AM
चन्द्रास्त05:42 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:28 AM – 12:11 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:46 AM – 05:34 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:34 PM – 03:56 PM
गुलिक काल11:50 AM – 01:12 PM
यमगण्ड09:06 AM – 10:28 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:44 AM – 11:28 AM
दुर्मुहूर्त01:39 PM – 02:23 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:22 AM – 07:44 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:44 AM – 09:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:06 AM – 10:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:28 AM – 11:50 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:50 AM – 01:12 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:12 PM – 02:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:34 PM – 03:56 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:56 PM – 05:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:18 PM – 06:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:56 PM – 08:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:34 PM – 10:12 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:12 PM – 11:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:50 PM – 01:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:28 AM – 03:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:06 AM – 04:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:44 AM – 06:22 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle