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VedicSpaceपंचांगलखनऊ › 2027-05-02

लखनऊ पंचांग — 2 मई 2027

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · रविवार · उत्तर प्रदेश (26.8467°, 80.9462°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लखनऊ (26.8467°, 80.9462°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 07:52 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 1तक 02:40 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगइन्द्रतक 06:29 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 07:28 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:27 AM
सूर्यास्त06:39 PM
चन्द्रोदय02:41 AM
चन्द्रास्त02:43 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:36 AM – 12:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:51 AM – 04:39 AM
अमृत काल05:40 PM – 07:22 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:00 PM – 06:39 PM
गुलिक काल03:21 PM – 05:00 PM
यमगण्ड12:03 PM – 01:42 PM
वर्ज्यम्07:32 AM – 09:14 AM
दुर्मुहूर्त04:53 PM – 05:46 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:27 AM – 07:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:06 AM – 08:45 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:45 AM – 10:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:24 AM – 12:03 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:03 PM – 01:42 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:42 PM – 03:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:21 PM – 05:00 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:00 PM – 06:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:39 PM – 08:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:00 PM – 09:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:21 PM – 10:42 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:42 PM – 12:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:03 AM – 01:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:24 AM – 02:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:45 AM – 04:06 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:06 AM – 05:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle