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VedicSpaceपंचांगलखनऊ › 2027-05-14

लखनऊ पंचांग — 14 मई 2027

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, मघा नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तर प्रदेश (26.8467°, 80.9462°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लखनऊ (26.8467°, 80.9462°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 07:39 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमघा · पाद 3तक 12:42 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगध्रुवतक 08:50 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 08:26 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:19 AM
सूर्यास्त06:46 PM
चन्द्रोदय01:04 PM
चन्द्रास्त01:06 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:35 AM – 12:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:43 AM – 04:31 AM
अमृत काल09:42 AM – 11:15 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:21 AM – 12:02 PM
गुलिक काल06:59 AM – 08:40 AM
यमगण्ड03:24 PM – 05:05 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:41 AM – 11:35 AM
दुर्मुहूर्त02:17 PM – 03:10 PM

दिन चौघड़िया

चर05:19 AM – 06:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:59 AM – 08:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:40 AM – 10:21 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:21 AM – 12:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:02 PM – 01:43 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:43 PM – 03:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:24 PM – 05:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:05 PM – 06:46 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:46 PM – 08:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:05 PM – 09:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:24 PM – 10:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:43 PM – 12:02 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:02 AM – 01:21 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:21 AM – 02:40 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:40 AM – 03:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:59 AM – 05:19 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle