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VedicSpaceपंचांगलखनऊ › 2027-06-07

लखनऊ पंचांग — 7 जून 2027

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · सोमवार · उत्तर प्रदेश (26.8467°, 80.9462°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लखनऊ (26.8467°, 80.9462°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 03:26 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 1तक 11:45 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवृद्धितक 12:58 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 03:26 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:12 AM
सूर्यास्त06:58 PM
चन्द्रोदय07:35 AM
चन्द्रास्त09:40 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:36 AM – 04:24 AM
अमृत काल08:48 PM – 10:14 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:55 AM – 08:38 AM
गुलिक काल01:48 PM – 03:31 PM
यमगण्ड10:21 AM – 12:05 PM
वर्ज्यम्12:08 PM – 01:35 PM
अभिजित मुहूर्त11:37 AM – 12:32 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:17 PM – 04:12 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:12 AM – 06:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:55 AM – 08:38 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:38 AM – 10:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:21 AM – 12:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:05 PM – 01:48 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:48 PM – 03:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:31 PM – 05:14 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:14 PM – 06:58 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:58 PM – 08:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:14 PM – 09:31 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:31 PM – 10:48 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:48 PM – 12:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:05 AM – 01:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:21 AM – 02:38 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:38 AM – 03:55 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:55 AM – 05:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle