VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगलुधियाना › 2025-12-01

लुधियाना पंचांग — 1 दिसम्बर 2025

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, रेवती नक्षत्र · सोमवार · पंजाब (30.901°, 75.8573°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लुधियाना (30.901°, 75.8573°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 07:01 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्ररेवती · पाद 1तक 11:18 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगव्यतीपाततक 12:58 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणवणिजतक 08:20 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:06 AM
सूर्यास्त05:25 PM
चन्द्रोदय02:30 PM
चन्द्रास्त02:38 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:30 AM – 06:18 AM
अमृत काल10:12 PM – 11:40 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:23 AM – 09:40 AM
गुलिक काल01:32 PM – 02:50 PM
यमगण्ड10:58 AM – 12:15 PM
वर्ज्यम्01:22 PM – 02:51 PM
अभिजित मुहूर्त11:54 AM – 12:36 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:39 PM – 03:21 PM

दिन चौघड़िया

अमृत07:06 AM – 08:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:23 AM – 09:40 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:40 AM – 10:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:58 AM – 12:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:15 PM – 01:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:32 PM – 02:50 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:50 PM – 04:07 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:07 PM – 05:25 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:25 PM – 07:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:07 PM – 08:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:50 PM – 10:32 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:32 PM – 12:15 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:15 AM – 01:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:58 AM – 03:40 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:40 AM – 05:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:23 AM – 07:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle