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VedicSpaceपंचांगलुधियाना › 2026-10-25

लुधियाना पंचांग — 25 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, रेवती नक्षत्र · रविवार · पंजाब (30.901°, 75.8573°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लुधियाना (30.901°, 75.8573°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 11:56 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्ररेवती · पाद 2तक 07:22 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगहर्षणतक 05:22 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 11:56 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:36 AM
सूर्यास्त05:45 PM
चन्द्रोदय05:03 PM
चन्द्रास्त05:25 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:48 AM – 12:32 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:00 AM – 05:48 AM
अमृत काल05:42 PM – 07:12 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:21 PM – 05:45 PM
गुलिक काल02:57 PM – 04:21 PM
यमगण्ड12:10 PM – 01:34 PM
वर्ज्यम्08:36 AM – 10:07 AM
दुर्मुहूर्त04:15 PM – 05:00 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:36 AM – 07:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:59 AM – 09:23 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:23 AM – 10:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:46 AM – 12:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:10 PM – 01:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:34 PM – 02:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:57 PM – 04:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:21 PM – 05:45 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:45 PM – 07:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:21 PM – 08:57 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:57 PM – 10:34 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:34 PM – 12:10 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:10 AM – 01:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:46 AM – 03:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:23 AM – 04:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:59 AM – 06:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle