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VedicSpaceपंचांगमथुरा › 2026-11-29

मथुरा पंचांग — 29 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, पुष्य नक्षत्र · रविवार · उत्तर प्रदेश (27.4924°, 77.6737°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मथुरा (27.4924°, 77.6737°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 01:47 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपुष्य · पाद 4तक 10:59 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगब्रह्मतक 05:08 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 02:48 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:50 AM
सूर्यास्त05:25 PM
चन्द्रोदय10:37 PM
चन्द्रास्त11:18 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:46 AM – 12:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:14 AM – 06:02 AM
अमृत काल05:52 AM – 07:21 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:05 PM – 05:25 PM
गुलिक काल02:46 PM – 04:05 PM
यमगण्ड12:07 PM – 01:26 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:00 PM – 04:42 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:50 AM – 08:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:09 AM – 09:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:28 AM – 10:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:48 AM – 12:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:07 PM – 01:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:26 PM – 02:46 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:46 PM – 04:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:05 PM – 05:25 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:25 PM – 07:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:05 PM – 08:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:46 PM – 10:26 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:26 PM – 12:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:07 AM – 01:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:48 AM – 03:28 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:28 AM – 05:09 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:09 AM – 06:50 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle