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VedicSpaceपंचांगमथुरा › 2027-01-21

मथुरा पंचांग — 21 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (27.4924°, 77.6737°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मथुरा (27.4924°, 77.6737°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 09:30 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 3तक 01:24 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवैधृतितक 06:08 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणगरतक 11:22 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:10 AM
सूर्यास्त05:51 PM
चन्द्रोदय04:37 PM
चन्द्रास्त05:56 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:09 PM – 12:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:34 AM – 06:22 AM
अमृत काल05:47 AM – 07:12 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:50 PM – 03:10 PM
गुलिक काल09:50 AM – 11:10 AM
यमगण्ड07:10 AM – 08:30 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:34 PM – 02:17 PM
दुर्मुहूर्त04:25 PM – 05:08 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:10 AM – 08:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:30 AM – 09:50 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:50 AM – 11:10 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:10 AM – 12:30 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:30 PM – 01:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:50 PM – 03:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:10 PM – 04:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:30 PM – 05:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:51 PM – 07:30 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:30 PM – 09:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:10 PM – 10:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:50 PM – 12:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:30 AM – 02:10 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:10 AM – 03:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:50 AM – 05:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:30 AM – 07:10 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle