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VedicSpaceपंचांगमथुरा › 2027-02-10

मथुरा पंचांग — 10 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · बुधवार · उत्तर प्रदेश (27.4924°, 77.6737°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मथुरा (27.4924°, 77.6737°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:00 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 03:05 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 1तक 04:56 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसिद्धतक 09:13 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 02:46 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:00 AM
सूर्यास्त06:07 PM
चन्द्रोदय08:52 AM
चन्द्रास्त09:25 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:24 AM – 06:12 AM
अमृत काल12:53 AM – 02:34 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:33 PM – 01:56 PM
गुलिक काल11:10 AM – 12:33 PM
यमगण्ड08:23 AM – 09:46 AM
वर्ज्यम्02:47 PM – 04:28 PM
अभिजित मुहूर्त12:11 PM – 12:55 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:57 AM – 10:42 AM

दिन चौघड़िया

लाभ07:00 AM – 08:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:23 AM – 09:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:46 AM – 11:10 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:10 AM – 12:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:33 PM – 01:56 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:56 PM – 03:20 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:20 PM – 04:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:43 PM – 06:07 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:07 PM – 07:43 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:43 PM – 09:20 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:20 PM – 10:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:56 PM – 12:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:33 AM – 02:10 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:10 AM – 03:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:46 AM – 05:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:23 AM – 07:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle