VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगमेरठ › 2027-01-07

मेरठ पंचांग — 7 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, मूल नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (28.9845°, 77.7064°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मेरठ (28.9845°, 77.7064°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:14 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 01:54 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमूल · पाद 4तक 06:08 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगध्रुवतक 02:26 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणचतुष्पादतक 12:34 PMस्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:14 AM
सूर्यास्त05:37 PM
चन्द्रोदय06:59 AM
चन्द्रास्त05:02 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:04 PM – 12:46 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:38 AM – 06:26 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:43 PM – 03:01 PM
गुलिक काल09:49 AM – 11:07 AM
यमगण्ड07:14 AM – 08:31 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:27 PM – 02:09 PM
दुर्मुहूर्त04:13 PM – 04:55 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:14 AM – 08:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:31 AM – 09:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:49 AM – 11:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:07 AM – 12:25 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:25 PM – 01:43 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:43 PM – 03:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:01 PM – 04:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:19 PM – 05:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:37 PM – 07:19 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:19 PM – 09:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:01 PM – 10:43 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:43 PM – 12:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:25 AM – 02:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:07 AM – 03:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:49 AM – 05:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:31 AM – 07:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle