VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगमेरठ › 2027-05-30

मेरठ पंचांग — 30 मई 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · रविवार · उत्तर प्रदेश (28.9845°, 77.7064°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मेरठ (28.9845°, 77.7064°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:21 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 09:35 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 4तक 11:32 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगप्रीतितक 03:15 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 09:35 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:21 AM
सूर्यास्त07:12 PM
चन्द्रोदय01:22 AM
चन्द्रास्त01:40 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:48 AM – 12:44 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:45 AM – 04:33 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:28 PM – 07:12 PM
गुलिक काल03:44 PM – 05:28 PM
यमगण्ड12:16 PM – 02:00 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:21 PM – 06:16 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:21 AM – 07:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:04 AM – 08:48 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:48 AM – 10:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:32 AM – 12:16 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:16 PM – 02:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:00 PM – 03:44 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:44 PM – 05:28 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:28 PM – 07:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:12 PM – 08:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:28 PM – 09:44 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:44 PM – 11:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:00 PM – 12:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:16 AM – 01:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:32 AM – 02:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:48 AM – 04:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:04 AM – 05:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle