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VedicSpaceपंचांगमुंबई › 2026-06-20

मुंबई पंचांग — 20 जून 2026

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, मघा नक्षत्र · शनिवार · महाराष्ट्र (19.076°, 72.8777°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मुंबई (19.076°, 72.8777°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 03:47 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमघा · पाद 4तक 09:25 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवज्रतक 12:48 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 03:47 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:01 AM
सूर्यास्त07:19 PM
चन्द्रोदय11:18 AM
चन्द्रास्त11:50 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:13 PM – 01:06 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:25 AM – 05:13 AM
अमृत काल07:05 AM – 08:39 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:20 AM – 11:00 AM
गुलिक काल06:01 AM – 07:40 AM
यमगण्ड02:19 PM – 03:59 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:33 AM – 10:27 AM
दुर्मुहूर्त02:53 PM – 03:46 PM

दिन चौघड़िया

काल06:01 AM – 07:40 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:40 AM – 09:20 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:20 AM – 11:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:00 AM – 12:40 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:40 PM – 02:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:19 PM – 03:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:59 PM – 05:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:39 PM – 07:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:19 PM – 08:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:39 PM – 09:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:59 PM – 11:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:19 PM – 12:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:40 AM – 02:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:00 AM – 03:20 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:20 AM – 04:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:40 AM – 06:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle