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VedicSpaceपंचांगमुंबई › 2026-07-11

मुंबई पंचांग — 11 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शनिवार · महाराष्ट्र (19.076°, 72.8777°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मुंबई (19.076°, 72.8777°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 02:04 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 4तक 11:03 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगगण्डतक 12:05 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 03:46 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:08 AM
सूर्यास्त07:20 PM
चन्द्रोदय02:33 AM
चन्द्रास्त04:15 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:17 PM – 01:10 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:32 AM – 05:20 AM
अमृत काल09:01 AM – 10:28 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:26 AM – 11:05 AM
गुलिक काल06:08 AM – 07:47 AM
यमगण्ड02:23 PM – 04:02 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:39 AM – 10:32 AM
दुर्मुहूर्त02:56 PM – 03:48 PM

दिन चौघड़िया

काल06:08 AM – 07:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:47 AM – 09:26 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:26 AM – 11:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:05 AM – 12:44 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:44 PM – 02:23 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:23 PM – 04:02 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:02 PM – 05:41 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:41 PM – 07:20 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:20 PM – 08:41 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:41 PM – 10:02 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:02 PM – 11:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:23 PM – 12:44 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:44 AM – 02:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:05 AM – 03:26 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:26 AM – 04:47 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:47 AM – 06:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle