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VedicSpaceपंचांगमुंबई › 2027-04-04

मुंबई पंचांग — 4 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · रविवार · महाराष्ट्र (19.076°, 72.8777°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मुंबई (19.076°, 72.8777°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:30 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 05:23 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 3तक 04:33 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशुभतक 10:14 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 05:00 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:30 AM
सूर्यास्त06:53 PM
चन्द्रोदय04:40 AM
चन्द्रास्त04:37 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:16 PM – 01:06 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:54 AM – 05:42 AM
अमृत काल09:21 AM – 11:03 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:20 PM – 06:53 PM
गुलिक काल03:47 PM – 05:20 PM
यमगण्ड12:41 PM – 02:14 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:13 PM – 06:03 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:30 AM – 08:02 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:02 AM – 09:35 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:35 AM – 11:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:08 AM – 12:41 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:41 PM – 02:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:14 PM – 03:47 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:47 PM – 05:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:20 PM – 06:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:53 PM – 08:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:20 PM – 09:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:47 PM – 11:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:14 PM – 12:41 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:41 AM – 02:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:08 AM – 03:35 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:35 AM – 05:02 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:02 AM – 06:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle