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VedicSpaceपंचांगमस्कट › 2025-09-21

मस्कट पंचांग — 21 सितम्बर 2025

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · रविवार · (23.588°, 58.3829°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मस्कट (23.588°, 58.3829°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:55 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 11:54 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 4तक 08:02 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशुभतक 06:22 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणचतुष्पादतक 11:17 AMस्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:55 AM
सूर्यास्त06:04 PM
चन्द्रोदय05:24 AM
चन्द्रास्त05:45 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:35 AM – 12:23 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:19 AM – 05:07 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:32 PM – 06:04 PM
गुलिक काल03:01 PM – 04:32 PM
यमगण्ड11:59 AM – 01:30 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:26 PM – 05:15 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:55 AM – 07:26 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:26 AM – 08:57 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:57 AM – 10:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:28 AM – 11:59 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:59 AM – 01:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:30 PM – 03:01 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:01 PM – 04:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:32 PM – 06:04 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:04 PM – 07:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:32 PM – 09:01 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:01 PM – 10:30 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:30 PM – 11:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:59 PM – 01:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:28 AM – 02:57 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:57 AM – 04:26 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:26 AM – 05:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle