VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगमस्कट › 2026-02-25

मस्कट पंचांग — 25 फ़रवरी 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · बुधवार · (23.588°, 58.3829°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मस्कट (23.588°, 58.3829°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:32 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 01:11 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 3तक 12:08 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगविष्कुम्भतक 11:58 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 02:16 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:32 AM
सूर्यास्त06:08 PM
चन्द्रोदय12:00 PM
चन्द्रास्त01:09 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:56 AM – 05:44 AM
अमृत काल09:40 AM – 11:10 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:20 PM – 01:47 PM
गुलिक काल10:53 AM – 12:20 PM
यमगण्ड07:59 AM – 09:26 AM
वर्ज्यम्05:10 AM – 06:40 AM
अभिजित मुहूर्त11:56 AM – 12:43 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:37 AM – 10:24 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:32 AM – 07:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:59 AM – 09:26 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:26 AM – 10:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:53 AM – 12:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:20 PM – 01:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:47 PM – 03:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:14 PM – 04:41 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:41 PM – 06:08 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:08 PM – 07:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:41 PM – 09:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:14 PM – 10:47 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:47 PM – 12:20 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:20 AM – 01:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:53 AM – 03:26 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:26 AM – 04:59 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:59 AM – 06:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle