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VedicSpaceपंचांगमस्कट › 2026-05-14

मस्कट पंचांग — 14 मई 2026

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, रेवती नक्षत्र · गुरुवार · (23.588°, 58.3829°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मस्कट (23.588°, 58.3829°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:25 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 09:51 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्ररेवती · पाद 2तक 09:04 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगप्रीतितक 04:23 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 09:51 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:25 AM
सूर्यास्त06:41 PM
चन्द्रोदय03:14 AM
चन्द्रास्त04:07 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:36 AM – 12:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:49 AM – 04:37 AM
अमृत काल06:16 PM – 07:44 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:42 PM – 03:22 PM
गुलिक काल08:44 AM – 10:23 AM
यमगण्ड05:25 AM – 07:04 AM
वर्ज्यम्09:24 AM – 10:52 AM
दुर्मुहूर्त01:22 PM – 02:15 PM
दुर्मुहूर्त04:54 PM – 05:47 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:25 AM – 07:04 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:04 AM – 08:44 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:44 AM – 10:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:23 AM – 12:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:03 PM – 01:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:42 PM – 03:22 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:22 PM – 05:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:01 PM – 06:41 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:41 PM – 08:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:01 PM – 09:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:22 PM – 10:42 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:42 PM – 12:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:03 AM – 01:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:23 AM – 02:44 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:44 AM – 04:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:04 AM – 05:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle