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VedicSpaceपंचांगमस्कट › 2026-06-03

मस्कट पंचांग — 3 जून 2026

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · बुधवार · (23.588°, 58.3829°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मस्कट (23.588°, 58.3829°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 07:51 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 2तक 11:29 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशुभतक 06:42 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 06:42 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:19 AM
सूर्यास्त06:50 PM
चन्द्रोदय09:39 PM
चन्द्रास्त07:23 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:43 AM – 04:31 AM
अमृत काल05:26 PM – 07:14 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:04 PM – 01:45 PM
गुलिक काल10:23 AM – 12:04 PM
यमगण्ड07:00 AM – 08:41 AM
वर्ज्यम्06:41 AM – 08:29 AM
अभिजित मुहूर्त11:37 AM – 12:31 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:55 AM – 09:49 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:19 AM – 07:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:00 AM – 08:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:41 AM – 10:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:23 AM – 12:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:04 PM – 01:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:45 PM – 03:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:27 PM – 05:08 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:08 PM – 06:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:50 PM – 08:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:08 PM – 09:27 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:27 PM – 10:45 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:45 PM – 12:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:04 AM – 01:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:23 AM – 02:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:41 AM – 04:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:00 AM – 05:19 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle