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VedicSpaceपंचांगमस्कट › 2026-10-10

मस्कट पंचांग — 10 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, हस्त नक्षत्र · शनिवार · (23.588°, 58.3829°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मस्कट (23.588°, 58.3829°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 07:50 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रहस्त · पाद 2तक 08:12 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगइन्द्रतक 08:32 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणचतुष्पादतक 07:54 AMस्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:01 AM
सूर्यास्त05:45 PM
चन्द्रोदय05:38 AM
चन्द्रास्त05:22 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:29 AM – 12:16 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:25 AM – 05:13 AM
अमृत काल02:06 PM – 03:44 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:57 AM – 10:25 AM
गुलिक काल06:01 AM – 07:29 AM
यमगण्ड01:21 PM – 02:49 PM
वर्ज्यम्04:44 AM – 06:21 AM
दुर्मुहूर्त09:08 AM – 09:55 AM
दुर्मुहूर्त01:50 PM – 02:37 PM

दिन चौघड़िया

काल06:01 AM – 07:29 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:29 AM – 08:57 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:57 AM – 10:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:25 AM – 11:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:53 AM – 01:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:21 PM – 02:49 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:49 PM – 04:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:17 PM – 05:45 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:45 PM – 07:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:17 PM – 08:49 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:49 PM – 10:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:21 PM – 11:53 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:53 PM – 01:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:25 AM – 02:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:57 AM – 04:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:29 AM – 06:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle