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VedicSpaceपंचांगमस्कट › 2026-10-27

मस्कट पंचांग — 27 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, भरणी नक्षत्र · मङ्गलवार · (23.588°, 58.3829°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मस्कट (23.588°, 58.3829°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 02:37 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रभरणी · पाद 3तक 02:09 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धितक 09:23 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 04:06 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:09 AM
सूर्यास्त05:31 PM
चन्द्रोदय06:23 PM
चन्द्रास्त07:10 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:27 AM – 12:12 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:33 AM – 05:21 AM
अमृत काल09:55 AM – 11:23 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:40 PM – 04:05 PM
गुलिक काल11:50 AM – 01:15 PM
यमगण्ड08:59 AM – 10:24 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:41 AM – 11:27 AM
दुर्मुहूर्त01:43 PM – 02:29 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:09 AM – 07:34 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:34 AM – 08:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:59 AM – 10:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:24 AM – 11:50 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:50 AM – 01:15 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:15 PM – 02:40 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:40 PM – 04:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:05 PM – 05:31 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:31 PM – 07:05 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:05 PM – 08:40 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:40 PM – 10:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:15 PM – 11:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:50 PM – 01:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:24 AM – 02:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:59 AM – 04:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:34 AM – 06:09 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle