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VedicSpaceपंचांगमस्कट › 2027-02-06

मस्कट पंचांग — 6 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, श्रवण नक्षत्र · शनिवार · (23.588°, 58.3829°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मस्कट (23.588°, 58.3829°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:45 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 07:56 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रश्रवण · पाद 2तक 07:49 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगव्यतीपाततक 07:44 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणचतुष्पादतक 06:48 AMस्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:45 AM
सूर्यास्त05:57 PM
चन्द्रोदय06:35 AM
चन्द्रास्त05:44 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:43 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:09 AM – 05:57 AM
अमृत काल08:59 AM – 10:46 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:33 AM – 10:57 AM
गुलिक काल06:45 AM – 08:09 AM
यमगण्ड01:45 PM – 03:09 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:44 AM – 10:29 AM
दुर्मुहूर्त02:13 PM – 02:57 PM

दिन चौघड़िया

काल06:45 AM – 08:09 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:09 AM – 09:33 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:33 AM – 10:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:57 AM – 12:21 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:21 PM – 01:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:45 PM – 03:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:09 PM – 04:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:33 PM – 05:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:57 PM – 07:33 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:33 PM – 09:09 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:09 PM – 10:45 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:45 PM – 12:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:21 AM – 01:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:57 AM – 03:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:33 AM – 05:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:09 AM – 06:45 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle