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VedicSpaceपंचांगमस्कट › 2027-02-19

मस्कट पंचांग — 19 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, पुष्य नक्षत्र · शुक्रवार · (23.588°, 58.3829°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मस्कट (23.588°, 58.3829°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 09:44 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपुष्य · पाद 2तक 05:05 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसौभाग्यतक 05:28 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 09:44 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:37 AM
सूर्यास्त06:04 PM
चन्द्रोदय04:34 PM
चन्द्रास्त05:10 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:57 AM – 12:43 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:01 AM – 05:49 AM
अमृत काल11:59 AM – 01:25 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:54 AM – 12:20 PM
गुलिक काल08:02 AM – 09:28 AM
यमगण्ड03:12 PM – 04:38 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:11 AM – 11:57 AM
दुर्मुहूर्त02:15 PM – 03:00 PM

दिन चौघड़िया

चर06:37 AM – 08:02 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:02 AM – 09:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:28 AM – 10:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:54 AM – 12:20 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:20 PM – 01:46 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:46 PM – 03:12 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:12 PM – 04:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:38 PM – 06:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:04 PM – 07:38 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:38 PM – 09:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:12 PM – 10:46 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:46 PM – 12:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:20 AM – 01:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:54 AM – 03:28 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:28 AM – 05:02 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:02 AM – 06:37 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle