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VedicSpaceपंचांगमस्कट › 2027-04-17

मस्कट पंचांग — 17 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · शनिवार · (23.588°, 58.3829°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मस्कट (23.588°, 58.3829°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 07:58 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 1तक 04:36 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवृद्धितक 10:54 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 07:58 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:44 AM
सूर्यास्त06:29 PM
चन्द्रोदय03:16 PM
चन्द्रास्त03:06 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:41 AM – 12:32 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:08 AM – 04:56 AM
अमृत काल10:12 PM – 11:44 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:55 AM – 10:30 AM
गुलिक काल05:44 AM – 07:19 AM
यमगण्ड01:42 PM – 03:17 PM
वर्ज्यम्01:01 PM – 02:33 PM
दुर्मुहूर्त09:08 AM – 09:59 AM
दुर्मुहूर्त02:14 PM – 03:05 PM

दिन चौघड़िया

काल05:44 AM – 07:19 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:19 AM – 08:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:55 AM – 10:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:30 AM – 12:06 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:06 PM – 01:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:42 PM – 03:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:17 PM – 04:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:53 PM – 06:29 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:29 PM – 07:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:53 PM – 09:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:17 PM – 10:42 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:42 PM – 12:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:06 AM – 01:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:30 AM – 02:55 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:55 AM – 04:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:19 AM – 05:44 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle