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VedicSpaceपंचांगमस्कट › 2027-05-05

मस्कट पंचांग — 5 मई 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · बुधवार · (23.588°, 58.3829°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मस्कट (23.588°, 58.3829°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:30 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 04:47 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 1तक 01:02 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगप्रीतितक 12:45 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 04:47 PMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:30 AM
सूर्यास्त06:37 PM
चन्द्रोदय04:23 AM
चन्द्रास्त05:38 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:54 AM – 04:42 AM
अमृत काल05:33 PM – 07:06 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:03 PM – 01:41 PM
गुलिक काल10:25 AM – 12:03 PM
यमगण्ड07:08 AM – 08:46 AM
वर्ज्यम्08:39 PM – 10:12 PM
अभिजित मुहूर्त11:37 AM – 12:29 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:59 AM – 09:52 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:30 AM – 07:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:08 AM – 08:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:46 AM – 10:25 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:25 AM – 12:03 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:03 PM – 01:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:41 PM – 03:20 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:20 PM – 04:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:58 PM – 06:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:37 PM – 07:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:58 PM – 09:20 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:20 PM – 10:41 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:41 PM – 12:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:03 AM – 01:25 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:25 AM – 02:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:46 AM – 04:08 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:08 AM – 05:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle