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VedicSpaceपंचांगमस्कट › 2027-08-05

मस्कट पंचांग — 5 अगस्त 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · गुरुवार · (23.588°, 58.3829°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मस्कट (23.588°, 58.3829°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:38 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 12:57 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 4तक 07:49 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशिवतक 02:05 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 02:14 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:38 AM
सूर्यास्त06:47 PM
चन्द्रोदय08:39 AM
चन्द्रास्त08:50 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:46 AM – 12:38 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:02 AM – 04:50 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:51 PM – 03:29 PM
गुलिक काल08:55 AM – 10:33 AM
यमगण्ड05:38 AM – 07:16 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:31 PM – 02:24 PM
दुर्मुहूर्त05:01 PM – 05:54 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:38 AM – 07:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:16 AM – 08:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:55 AM – 10:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:33 AM – 12:12 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:12 PM – 01:51 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:51 PM – 03:29 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:29 PM – 05:08 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:08 PM – 06:47 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:47 PM – 08:08 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:08 PM – 09:29 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:29 PM – 10:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:51 PM – 12:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:12 AM – 01:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:33 AM – 02:55 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:55 AM – 04:16 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:16 AM – 05:38 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle