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VedicSpaceपंचांगमस्कट › 2027-09-06

मस्कट पंचांग — 6 सितम्बर 2027

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, विशाखा नक्षत्र · सोमवार · (23.588°, 58.3829°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मस्कट (23.588°, 58.3829°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 09:28 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रविशाखा · पाद 3तक 01:29 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगवैधृतितक 02:18 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणतैतिलतक 09:28 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:50 AM
सूर्यास्त06:20 PM
चन्द्रोदय11:27 AM
चन्द्रास्त10:08 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:14 AM – 05:02 AM
अमृत काल04:14 AM – 05:53 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:23 AM – 08:57 AM
गुलिक काल01:38 PM – 03:12 PM
यमगण्ड10:31 AM – 12:05 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:40 AM – 12:30 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:00 PM – 03:50 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:50 AM – 07:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:23 AM – 08:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:57 AM – 10:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:31 AM – 12:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:05 PM – 01:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:38 PM – 03:12 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:12 PM – 04:46 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:46 PM – 06:20 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:20 PM – 07:46 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:46 PM – 09:12 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:12 PM – 10:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:38 PM – 12:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:05 AM – 01:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:31 AM – 02:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:57 AM – 04:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:23 AM – 05:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle