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VedicSpaceपंचांगमैसूरु › 2026-03-29

मैसूरु पंचांग — 29 मार्च 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · रविवार · कर्नाटक (12.2958°, 76.6394°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मैसूरु (12.2958°, 76.6394°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:22 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 07:46 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रआश्लेषा · पाद 3तक 02:38 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगधृतितक 06:19 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 07:46 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:22 AM
सूर्यास्त06:35 PM
चन्द्रोदय03:37 PM
चन्द्रास्त03:34 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:04 PM – 12:52 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:46 AM – 05:34 AM
अमृत काल01:24 PM – 03:00 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:03 PM – 06:35 PM
गुलिक काल03:31 PM – 05:03 PM
यमगण्ड12:28 PM – 02:00 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:57 PM – 05:46 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:22 AM – 07:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:53 AM – 09:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:25 AM – 10:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:56 AM – 12:28 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:28 PM – 02:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:00 PM – 03:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:31 PM – 05:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:03 PM – 06:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:35 PM – 08:03 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:03 PM – 09:31 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:31 PM – 11:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:00 PM – 12:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:28 AM – 01:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:56 AM – 03:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:25 AM – 04:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:53 AM – 06:22 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle