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VedicSpaceपंचांगमैसूरु › 2026-08-17

मैसूरु पंचांग — 17 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, चित्रा नक्षत्र · सोमवार · कर्नाटक (12.2958°, 76.6394°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मैसूरु (12.2958°, 76.6394°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 05:00 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रचित्रा · पाद 1तक 04:58 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशुभतक 03:29 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 05:00 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:12 AM
सूर्यास्त06:43 PM
चन्द्रोदय10:07 AM
चन्द्रास्त09:57 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:36 AM – 05:24 AM
अमृत काल10:28 PM – 12:08 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:45 AM – 09:19 AM
गुलिक काल02:01 PM – 03:35 PM
यमगण्ड10:53 AM – 12:27 PM
वर्ज्यम्12:24 PM – 02:05 PM
अभिजित मुहूर्त12:02 PM – 12:52 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:22 PM – 04:12 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:12 AM – 07:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:45 AM – 09:19 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:19 AM – 10:53 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:53 AM – 12:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:27 PM – 02:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:01 PM – 03:35 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:35 PM – 05:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:09 PM – 06:43 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:43 PM – 08:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:09 PM – 09:35 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:35 PM – 11:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:01 PM – 12:27 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:27 AM – 01:53 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:53 AM – 03:19 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:19 AM – 04:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:45 AM – 06:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle