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VedicSpaceपंचांगमैसूरु › 2026-09-10

मैसूरु पंचांग — 10 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, मघा नक्षत्र · गुरुवार · कर्नाटक (12.2958°, 76.6394°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मैसूरु (12.2958°, 76.6394°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 10:33 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमघा · पाद 3तक 02:04 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धतक 07:17 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 10:33 AMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:13 AM
सूर्यास्त06:28 PM
चन्द्रोदय05:20 AM
चन्द्रास्त05:51 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:56 AM – 12:45 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:37 AM – 05:25 AM
अमृत काल12:00 PM – 01:31 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:52 PM – 03:24 PM
गुलिक काल09:16 AM – 10:48 AM
यमगण्ड06:13 AM – 07:44 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:34 PM – 02:23 PM
दुर्मुहूर्त04:50 PM – 05:39 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:13 AM – 07:44 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:44 AM – 09:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:16 AM – 10:48 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:48 AM – 12:20 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:20 PM – 01:52 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:52 PM – 03:24 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:24 PM – 04:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:56 PM – 06:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:28 PM – 07:56 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:56 PM – 09:24 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:24 PM – 10:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:52 PM – 12:20 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:20 AM – 01:48 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:48 AM – 03:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:16 AM – 04:44 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:44 AM – 06:13 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle