VedicSpace › पंचांग › मैसूरु › 2026-10-06
कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · मङ्गलवार · कर्नाटक (12.2958°, 76.6394°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मैसूरु (12.2958°, 76.6394°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी | तक 12:35 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | आश्लेषा · पाद 2 | तक 10:17 PM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | सिद्ध | तक 07:20 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 01:19 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:13 AM |
| सूर्यास्त | 06:11 PM |
| चन्द्रोदय | 02:15 AM |
| चन्द्रास्त | 03:04 PM |
| चन्द्र राशि | कर्क |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:48 AM – 12:35 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:37 AM – 05:25 AM |
| अमृत काल | 08:58 PM – 10:30 PM |
| राहु काल | 03:11 PM – 04:41 PM |
| गुलिक काल | 12:12 PM – 01:41 PM |
| यमगण्ड | 09:12 AM – 10:42 AM |
| वर्ज्यम् | 11:41 AM – 01:14 PM |
| दुर्मुहूर्त | 11:00 AM – 11:48 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:11 PM – 02:59 PM |
| रोग | 06:13 AM – 07:42 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:42 AM – 09:12 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:12 AM – 10:42 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:42 AM – 12:12 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:12 PM – 01:41 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:41 PM – 03:11 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:11 PM – 04:41 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:41 PM – 06:11 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 06:11 PM – 07:41 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:41 PM – 09:11 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:11 PM – 10:41 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:41 PM – 12:12 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:12 AM – 01:42 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:42 AM – 03:12 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:12 AM – 04:42 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:42 AM – 06:13 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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