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VedicSpaceपंचांगमैसूरु › 2026-10-23

मैसूरु पंचांग — 23 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · कर्नाटक (12.2958°, 76.6394°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मैसूरु (12.2958°, 76.6394°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:14 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 02:36 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 2तक 09:03 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगध्रुवतक 10:08 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 02:36 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:14 AM
सूर्यास्त06:01 PM
चन्द्रोदय03:57 PM
चन्द्रास्त03:24 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:31 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:38 AM – 05:26 AM
अमृत काल01:15 PM – 02:51 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:39 AM – 12:07 PM
गुलिक काल07:42 AM – 09:10 AM
यमगण्ड03:04 PM – 04:32 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:56 AM – 11:43 AM
दुर्मुहूर्त02:05 PM – 02:52 PM

दिन चौघड़िया

चर06:14 AM – 07:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:42 AM – 09:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:10 AM – 10:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:39 AM – 12:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:07 PM – 01:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:35 PM – 03:04 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:04 PM – 04:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:32 PM – 06:01 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:01 PM – 07:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:32 PM – 09:04 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:04 PM – 10:35 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:35 PM – 12:07 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:07 AM – 01:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:39 AM – 03:10 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:10 AM – 04:42 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:42 AM – 06:14 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle