VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगमैसूरु › 2026-11-10

मैसूरु पंचांग — 10 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, विशाखा नक्षत्र · मङ्गलवार · कर्नाटक (12.2958°, 76.6394°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मैसूरु (12.2958°, 76.6394°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 02:00 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रविशाखा · पाद 4तक 09:19 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशोभनतक 03:09 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 02:00 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:19 AM
सूर्यास्त05:56 PM
चन्द्रोदय07:04 AM
चन्द्रास्त06:33 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:44 AM – 12:30 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:43 AM – 05:31 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:01 PM – 04:28 PM
गुलिक काल12:07 PM – 01:34 PM
यमगण्ड09:13 AM – 10:40 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:57 AM – 11:44 AM
दुर्मुहूर्त02:03 PM – 02:50 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:19 AM – 07:46 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:46 AM – 09:13 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:13 AM – 10:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:40 AM – 12:07 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:07 PM – 01:34 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:34 PM – 03:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:01 PM – 04:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:28 PM – 05:56 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:56 PM – 07:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:28 PM – 09:01 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:01 PM – 10:34 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:34 PM – 12:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:07 AM – 01:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:40 AM – 03:13 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:13 AM – 04:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:46 AM – 06:19 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle