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VedicSpaceपंचांगमैसूरु › 2027-01-02

मैसूरु पंचांग — 2 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, स्वाती नक्षत्र · शनिवार · कर्नाटक (12.2958°, 76.6394°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मैसूरु (12.2958°, 76.6394°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 02:24 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रस्वाती · पाद 2तक 07:19 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसुकर्मातक 11:28 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 02:24 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:44 AM
सूर्यास्त06:10 PM
चन्द्रोदय02:04 AM
चन्द्रास्त01:43 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:04 PM – 12:49 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:08 AM – 05:56 AM
अमृत काल10:32 AM – 12:16 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:35 AM – 11:01 AM
गुलिक काल06:44 AM – 08:09 AM
यमगण्ड01:52 PM – 03:18 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:46 AM – 10:32 AM
दुर्मुहूर्त02:21 PM – 03:07 PM

दिन चौघड़िया

काल06:44 AM – 08:09 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:09 AM – 09:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:35 AM – 11:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:01 AM – 12:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:27 PM – 01:52 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:52 PM – 03:18 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:18 PM – 04:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:44 PM – 06:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:10 PM – 07:44 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:44 PM – 09:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:18 PM – 10:52 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:52 PM – 12:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:27 AM – 02:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:01 AM – 03:35 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:35 AM – 05:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:09 AM – 06:44 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle