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VedicSpaceपंचांगमैसूरु › 2027-01-10

मैसूरु पंचांग — 10 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, श्रवण नक्षत्र · रविवार · कर्नाटक (12.2958°, 76.6394°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मैसूरु (12.2958°, 76.6394°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 07:07 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रश्रवण · पाद 3तक 03:12 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवज्रतक 05:02 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 07:07 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:47 AM
सूर्यास्त06:15 PM
चन्द्रोदय08:33 AM
चन्द्रास्त08:17 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:08 PM – 12:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:11 AM – 05:59 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:49 PM – 06:15 PM
गुलिक काल03:23 PM – 04:49 PM
यमगण्ड12:31 PM – 01:57 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:43 PM – 05:29 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:47 AM – 08:13 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:13 AM – 09:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:39 AM – 11:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:05 AM – 12:31 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:31 PM – 01:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:57 PM – 03:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:23 PM – 04:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:49 PM – 06:15 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:15 PM – 07:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:49 PM – 09:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:23 PM – 10:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:57 PM – 12:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:31 AM – 02:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:05 AM – 03:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:39 AM – 05:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:13 AM – 06:47 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle