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VedicSpaceपंचांगमैसूरु › 2027-04-20

मैसूरु पंचांग — 20 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, चित्रा नक्षत्र · मङ्गलवार · कर्नाटक (12.2958°, 76.6394°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मैसूरु (12.2958°, 76.6394°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 03:57 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रचित्रा · पाद 1तक 04:28 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगहर्षणतक 05:47 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 04:21 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:09 AM
सूर्यास्त06:36 PM
चन्द्रोदय06:13 PM
चन्द्रास्त05:18 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:57 AM – 12:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:33 AM – 05:21 AM
अमृत काल10:16 PM – 11:51 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:29 PM – 05:02 PM
गुलिक काल12:22 PM – 01:55 PM
यमगण्ड09:15 AM – 10:49 AM
वर्ज्यम्12:45 PM – 02:20 PM
दुर्मुहूर्त11:07 AM – 11:57 AM
दुर्मुहूर्त02:27 PM – 03:16 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:09 AM – 07:42 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:42 AM – 09:15 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:15 AM – 10:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:49 AM – 12:22 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:22 PM – 01:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:55 PM – 03:29 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:29 PM – 05:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:02 PM – 06:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:36 PM – 08:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:02 PM – 09:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:29 PM – 10:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:55 PM – 12:22 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:22 AM – 01:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:49 AM – 03:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:15 AM – 04:42 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:42 AM – 06:09 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle