VedicSpace › पंचांग › मैसूरु › 2027-06-04
कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शुक्रवार · कर्नाटक (12.2958°, 76.6394°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मैसूरु (12.2958°, 76.6394°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या | तक 01:10 AM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शुक्रवार | — | कला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख। |
| नक्षत्र | कृत्तिका · पाद 4 | तक 09:14 AM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | सुकर्मा | तक 03:46 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | चतुष्पाद | तक 02:40 PM | स्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द। |
| सूर्योदय | 05:57 AM |
| सूर्यास्त | 06:46 PM |
| चन्द्रोदय | 05:10 AM |
| चन्द्रास्त | 06:22 PM |
| चन्द्र राशि | वृषभ |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 11:55 AM – 12:47 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:21 AM – 05:09 AM |
| अमृत काल | 06:59 AM – 08:27 AM |
| राहु काल | 10:45 AM – 12:21 PM |
| गुलिक काल | 07:33 AM – 09:09 AM |
| यमगण्ड | 03:33 PM – 05:09 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 11:04 AM – 11:55 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:29 PM – 03:20 PM |
| चर | 05:57 AM – 07:33 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:33 AM – 09:09 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:09 AM – 10:45 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:45 AM – 12:21 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:21 PM – 01:57 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:57 PM – 03:33 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:33 PM – 05:09 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:09 PM – 06:46 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| रोग | 06:46 PM – 08:09 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:09 PM – 09:33 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:33 PM – 10:57 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:57 PM – 12:21 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:21 AM – 01:45 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:45 AM – 03:09 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:09 AM – 04:33 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:33 AM – 05:57 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
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