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VedicSpaceपंचांगनागपुर › 2027-05-23

नागपुर पंचांग — 23 मई 2027

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, मूल नक्षत्र · रविवार · महाराष्ट्र (21.1458°, 79.0882°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना नागपुर (21.1458°, 79.0882°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:33 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 08:42 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमूल · पाद 2तक 07:17 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसाध्यतक 11:02 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 07:42 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:33 AM
सूर्यास्त06:48 PM
चन्द्रोदय09:36 PM
चन्द्रास्त07:30 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:44 AM – 12:37 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:57 AM – 04:45 AM
अमृत काल11:45 AM – 01:31 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:08 PM – 06:48 PM
गुलिक काल03:29 PM – 05:08 PM
यमगण्ड12:10 PM – 01:49 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:02 PM – 05:55 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:33 AM – 07:12 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:12 AM – 08:51 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:51 AM – 10:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:31 AM – 12:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:10 PM – 01:49 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:49 PM – 03:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:29 PM – 05:08 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:08 PM – 06:48 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:48 PM – 08:08 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:08 PM – 09:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:29 PM – 10:49 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:49 PM – 12:10 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:10 AM – 01:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:31 AM – 02:51 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:51 AM – 04:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:12 AM – 05:33 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle